Monday, March 10, 2014

Insaan ki Insaaniyat..

है इंसान , तुम्हे किस बात का गुरूर है?

खुद को सबसे बुद्धिमान बताते हो
सबसे शक्तिमान जताते हो
भूत, वर्तमान, भविष्य पर अपना  अधिकार जमाते हो
पैसा, नाम, इज़ज़त, शोहरत को छोड़ कभी किसीका विश्वास कमाते हो?

मौत से ज़यादा तो ज़िन्दगी से डरते हो
यही छोड़ जानेवाली ख़ज़ाने भरते हो
दो चार अच्छाई करके अपना अहंकार को पालते हो
भीतर कुछ और होते हुवे, बाहर, नकाब डालते हो

ना तो दुखियारे को दो पल कि हसी दे सकते हो
न तो पीड़ित से उसका दर्द ले सकते हो
न तो ज़िन्दगी कि रीत बदल सकते हो
न तो  जीनेवालों को टोक सकते हो
न मरने वालों को रोक सकते हो

तो बताओ दोस्त, किस चीज़ पे है तुम्हे नाज़?
तेरे हात कुछ नहीं है प्यारे, येही है दुनिया का राज़.