Monday, September 8, 2014

BEBASI

Kisi ne poocha, Kya hai ye bebasi?

Maine kaha..

Apni jo duniya banaake hum jo jeete hain,use bikharte dekho,
wo bebasi hai...

Ispe, uspe, sab pe to kya, khud pe aur wo Rab pe bhi jo gussa ho,
to wo bebasi hai....

Hasi, jab gam ke kisi kone mein phasi ho,
to wo bebasi hai.....

Apnon ka dard, apnon ka gam, apnon ki maut jab aankhon mein, dil mein basi ho,
to wo bebasi hai...

Monday, March 10, 2014

Insaan ki Insaaniyat..

है इंसान , तुम्हे किस बात का गुरूर है?

खुद को सबसे बुद्धिमान बताते हो
सबसे शक्तिमान जताते हो
भूत, वर्तमान, भविष्य पर अपना  अधिकार जमाते हो
पैसा, नाम, इज़ज़त, शोहरत को छोड़ कभी किसीका विश्वास कमाते हो?

मौत से ज़यादा तो ज़िन्दगी से डरते हो
यही छोड़ जानेवाली ख़ज़ाने भरते हो
दो चार अच्छाई करके अपना अहंकार को पालते हो
भीतर कुछ और होते हुवे, बाहर, नकाब डालते हो

ना तो दुखियारे को दो पल कि हसी दे सकते हो
न तो पीड़ित से उसका दर्द ले सकते हो
न तो ज़िन्दगी कि रीत बदल सकते हो
न तो  जीनेवालों को टोक सकते हो
न मरने वालों को रोक सकते हो

तो बताओ दोस्त, किस चीज़ पे है तुम्हे नाज़?
तेरे हात कुछ नहीं है प्यारे, येही है दुनिया का राज़.